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Munshi Premchand Quotes मुंशी प्रेमचंद के अनमोल विचार व् कथन

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Munshi Premchand Quotes

मुंशी प्रेमचंद किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं . इनकी  गिनती हिंदी व् उर्दू के महानतम लेखको में होती है . प्रेमचंद जी का मूलनाम धनपत राय था . प्रेमचंद जी को नवाब राय के नाम से भी जाना जाता है .

मुंशी प्रेमचंद

कही आपका मेमोरी कार्ड नकली तो नहीं ?

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स्टोरेज मोबाइल सिस्टम का एक महत्वपूर्ण अंग हैं . लगभग सभी मल्टीमीडिया फ़ोनों में मेमोरी कार्ड का उपयोग किया जाता हैं . लेकिन कई बार हम ऐसा मेमोरी कार्ड या एसडी कार्ड हमारे मोबाइल में लगा लेते हैं जो की नकली होता हैं .

नकली मेमोरी कार्ड में सहेजी गयी महत्वपूर्ण फाइलें क्रेश हो सकती हैं , जिससे हमें काफी असुविधा हो सकती हैं . लेकिन अब आप अपने स्मार्टफोन या टेबलेट के माध्यम से अपने मेमोरी कार्ड की असलियत का पता लगा सकते हैं की वाकई आपका मेमोरी कार्ड या एसडी कार्ड जिसे हम सिक्योर डिजिटल कार्ड भी कह सकते हैं , असली हैं या नकली .

इसके लिए आपको अपने मोबाइल फोन से गूगल प्ले स्टोर पर जाकर  SD Insight एप्लीकेशन डाउनलोड करना होगा .यह एक फ्री एप्लीकेशन हैं जिसकी साइज़ एक एमबी से भी कम हैं .

इस एप्लीकेशन के माध्यम से आप अपने एसडी कार्ड के बारे में निम्न जानकरी देख  सकते हैं –

1 . मेमोरी कार्ड को बनाने वाली कंपनी का नाम .

2 . मेमोरी कार्ड का मॉडल

3 . मेमोरी कार्ड की स्टोरेज की क्षमता

4 . एसडी कार्ड को बनाने की तारीख

5 . एसडी कार्ड का सीरियल नंबर

इसके आलावा इस एप्लीकेशन के माध्यम से  आप अपने स्मार्टफोन की आंतरिक मेमोरी के बारे में भी ये सभी जानकारी देख सकते हैं .

अगर आपका का एसडी कार्ड fake हैं तो यह ” SD Card is INVALID” शो करेगा .

इस तरह अब आप पता लगा सकते हैं आपका मेमोरी कार्ड ओरिजिनल यानि असली हैं या नकली

कृपया इस लेख पर आप अपनी राय अवश्य दे और अगर आपके पास कोई भी अपना लेख हैं तो हमारे साथ शेयर जरुर करे .

कर्म पथ

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कर्म पथ के मार्ग में चलना ही होगा

पथिक बनकर राह को चुनना ही होगा

ठहराव केवल शब्द है आता नहीं है

कर्म पथ के राहगीरों को ये भाता  नहीं है

बिघ्न – बाधाए  अगर पथ रोक ले तो

मन की निराशाए अगर पथ रोक ले तो

प्रकृति की एक सीख  लेता तू चला चल

कर्म को इक रूप देता तू चला चल

है  समन्वय रोशनी के प्रभाव में

है समन्वय नदियों के बहाव में

सृष्टि की हर एक घटना है समन्वित

सीख ले ए पथिक तू जीवन समन्वय

रुकना तेरी जिंदगी का अंत है राही

और चलना तेरी जिंदगी का आनंद  है राही

पंकज गौतम

लेखक पंकज गौतम

सतना मध्य प्रदेश

पंकज गौतम  विट्स महाविद्यालय सतना मधयप्रदेश  मे विगत  ५ वर्ष से केमिस्ट्री विभाग मे अस्सिटेंट प्रोफेसर के रूप मे कार्य रत हैं . लेखन और कवित्त मे इनकी  रूचि है .

Whatsapp Status in Hindi

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Hindi Whatsapp Status Whatsapp Status in Hindi

 Whatsapp status in Hindi

 

माना की सबकुछ पा लुगा ज़िंदगी मै मगर वो तेरे मेहदी लगे हाथ मेरे ना हो सके

मत किया कर ऐ दिल किसी से मोहब्बत इतनी..  जो लोग बात नहीं करते वो प्यार क्या करेंगे

ये इश्क़ भी बड़ी ना मुराद चीज़ है., उसी से होता है जो किसी और का होता है

बेमतलब की दुनियाँ का किस्सा ही ख़त्म ,अब जैसी दुनियाँ वैसे ही हम

देख जिँदगी तू हमे रुलाना छोड दे ,अगर हम खफा हूऐ तो तूझे छोड देँगे

दूरियाँ जब बढ़ी तो गलतफहमियां भी बढ़ गयी… फिर तुमने वो भी सुना जो मैंने कहा ही नही

जाते वक्त उसने मुजसे अजीब सी बात कही ” तुम जिंदगी हो मेरी, और मुझे मेरी जिंदगी से नफरत है

अब भी रोज तुम्हारे स्टेट्स पर एक नजर मार लेता हूं, ये सोच कर शायद तुमने मेरे बारे में भी कुछ लिखा होगा

तुमने भी हमें बस एक दिए की तरह समझा था, रात गहरी हुई तो जला दिया सुबह हुई तो बुझा दिया

पत्थर तो बहुत मारे थे लोगों ने मुझे,लेकिन जो दिल पर आ के लगा वो किसी अपने ने मारा था

सुना है कि तुम रातों को देर तक जागते हो यादों के मारे हो या मोहब्बत में हारे हो

तुमसे पहले भी रातें बीतती थी बिना नींद के ही…तुम्हारे आने से इन आंखों को जागने का एक मतलब मिल गया

पाना है मुक्काम ओ मुक्काम अभी बाकी है अभी तो जमीन पै आये है असमान की उडान बाकी है

एक तो सुकुन और एक तुम, कहाँ रहते हो आजकल मिलते ही नही

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Bihari Ke Dohe in Hindi बिहारी के दोहे हिंदी में

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हिंदी साहित्य के रीति काल के कवियों में बिहारी का नाम महत्वपूर्ण है।

जीवन परिचय

हिंदी के महानकवि बिहारी जन्म १९०३ के लगभग ग्वालियर में हुआ था .उनके पिता का नाम केशवराय था .बिहारीलाल जी जाति से माथुर चौबे थे . उनका बचपन बुंदेलखंड में और उनकी युवा अवस्था मथुरा में व्यतीत हुआ .जिसे निम्न दोहे के माध्यम से व्यक्त किया जा सकता हैं .

जनम ग्वालियर जानिये खंड बुंदेले बाल।

तरुनाई आई सुघर मथुरा बसि ससुराल।।

बिहारी ने सन  १६६४ में अपने नाशवान शरीर का त्याग कर दिया .

 बिहारी के दोहे 

मेरी भव बाधा हरौ, राधा नागरि सोय।

जा तनु की झाँई परे, स्याम हरित दुति होय॥

अधर धरत हरि के परत, ओंठ, दीठ, पट जोति।

हरित बाँस की बाँसुरी, इंद्र धनुष दुति होति॥

या अनुरागी चित्त की, गति समुझै नहिं कोइ।

ज्यों-ज्यों बूड़ै स्याम रंग, त्यों-त्यों उज्जलु होइ॥

पत्रा ही तिथी पाइये, वा घर के चहुँ पास।

नित प्रति पून्यौ ही रहे, आनन-ओप उजास॥

कहति नटति रीझति मिलति खिलति लजि जात।

भरे भौन में होत है, नैनन ही सों बात॥

नाहिंन ये पावक प्रबल, लूऐं चलति चहुँ पास।

मानों बिरह बसंत के, ग्रीषम लेत उसांस॥

इन दुखिया अँखियान कौं, सुख सिरजोई नाहिं।

देखत बनै न देखते, बिन देखे अकुलाहिं॥

सोनजुही सी जगमगी, अँग-अँग जोवनु जोति।

सुरँग कुसुंभी चूनरी, दुरँगु देहदुति होति॥

बामा भामा कामिनी, कहि बोले प्रानेस।

प्यारी कहत लजात नहीं, पावस चलत बिदेस॥

गोरे मुख पै तिल बन्यो, ताहि करौं परनाम।

मानो चंद बिछाइकै, पौढ़े सालीग्राम॥

मैं समुझ्यो निराधार, यह जग काचो काँच सो।

एकै रूप अपार, प्रतिबिम्बित लखिए तहाँ॥

इत आवति चलि जाति उत, चली छसातक हाथ।

चढ़ी हिडोरैं सी रहै, लगी उसाँसनु साथ।।

भूषन भार सँभारिहै, क्यौं इहि तन सुकुमार।

सूधे पाइ न धर परैं, सोभा ही कैं भार।।

नहिं पराग नहिं मधुर मधु, नहिं विकास यहि काल।

अली कली ही सा बिंध्यों, आगे कौन हवाल।।

Bihari ke dohe in Hindi with their meanings  बिहारी के दोहे हिंदी अर्थ सहित

गायत्री मन्त्र शब्दार्थ एवं भावार्थ

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जो गय (प्राणों) की रक्षा करती है – वह गायत्री है। प्राण कहते हैं चैतन्यता एवं सजीवता को । हमारे भीतर जो गति, क्रिया, विचार शक्ति, विवेक एवं जीवन धारण करने वाला तत्व है- वह प्राण कहलाता है । इस प्राण के कारण ही हम जीवित हैं । प्राण शक्ति बढ़ाने, इसको सुरक्षित रखने, इसके निरर्थक व्यय/ ह्रास को रोकने- सभी में गायत्री मन्त्र जाप एवं गायत्री साधना हमारी सहायता करती है

ॐ भूर्भुवः॒ स्वः ।तत्स॑वितुर्वरे॑ण्यंभ॒र्गो॑ दे॒वस्य॑ धीमहि ।धियो॒ यो नः॑ प्रचो॒दया॑त् ॥

Oṃ bhūr bhuvaḥ svaḥtát savitúr váreṇ(i)yaṃbhárgo devásya dhīmahidhíyo yó naḥ pracodáyāt

 

Gayatri Mantra meaning in Hindi

1. ऊँकार(अकार,उकार, मकार) को ब्रह्म कहा गया है। वह परमात्मा का स्वयंसिद्ध नाम है। इस शब्द ब्रह्म से रूप बनता है। इसी के भ्रमण, कम्पन, गति और मोड़ के आधार पर ‘स्वस्तिक’ बनता है। यह स्वस्तिक ऊँकार का रूप है। ऊँकार को ‘ प्रणव ‘ भी कहते हैं। यही सब मन्त्रों का हेतु है, क्योंकि इसी से सभी शब्द और मन्त्र बनते हैं।

2. गायत्री मन्त्र में ऊँकार के पश्चात् – भूः भुवः स्वः – यह तीन व्याह्रतियाँ आती हैं। व्याह्रतियों का यह त्रिक् अनेकों बातों की ओर संकेत करता है। ब्रह्मा, विष्णु और महेश इन तीन उत्पादक, पोषक, संहारक शक्तियों का नाम भूः भुवः स्वः है। सत, रज,तम इन तीन गुणों को भी त्रिविध गायत्री कहा गया है। भूः को ब्रह्म, भुवः को प्रकृति और स्वः को जीव भी कहा जाता है। अग्नि, वायु और सूर्य इन तीन प्रधान देवताओं का भी प्रतिनिधित्व यह तीन व्याह्रतियाँ करती हैं। तीनों लोकों का भी इनमें संकेत है। एक ऊँ की तीन संतान हैं- भूः भुवः स्वः ।

3. तत्- उस, वह का सूचक है। यह शब्द परमात्मा- परब्रह्म की ओर संकेत करता है। मन्त्र में तत् शब्द का प्रयोग अनिर्वचनीय ईश्वर की ओर संकेत करने हेतु प्रयोग किया गया है।

4. सवितुः – सविता सूर्य को कहते हैं, जो तेजस्वी एवं प्रकाश मान है। परमात्मा की अनन्त शक्तियाँ हैं। उनमें तेजस्वी शक्तियों को सविता कहा गया है। ईश्वर की तेज शक्ति को धारण करके हम जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सर्वांग पूर्ण तेज युक्त बनें।

5. वरेण्य- श्रेष्ठतम को वरण करने, चुनने, ग्रहण करने योग्य को, धारण करने योग्य को वरेण्य कहा गया है। ईश्वरीय सत्ता में से गायत्री द्वारा हम उन तत्वों को ग्रहण करते हैं जो वरेण्य हैं, श्रेष्ठ हैं, ग्रहण करने योग्य हैं। धर्म, कर्तव्य, अध्यात्म, सत्,चित्, आनन्द, सत्य, शिव, सुन्दर की ओर जो तत्व हमें अग्रसर करते हैं- वे वरेण्य हैं।

6. भर्ग – बुराइयों का, अज्ञान अन्धकार का नाश कर देने, भस्म/ जला देनेवाली परमात्मा की शक्ति ‘भर्ग’ कहलाती है। हम भर्ग को अपने में धारण कर बुराइयों, पापों, दुर्बलताओं, कुपप्रवृत्तियों से सावधान रहें और उन्हें नष्ट करने के लिए सदा धर्मयुद्ध करते रहें।

7. देवस्य – देव कहते हैं दिव्य को, अलौकिक को, असाधारण को। जो अपने शक्ति/ सामर्थ्य को परमार्थ, दूसरों की सेवा में लगाने, देते रहने की इच्छा करते हैं, वे देवता हैं।

8. धीमहि कहते हैं ध्यान करने को। जिस वस्तु का हम ध्यान करते हैं- उस पर मन जमता है- इससे उसमें रुचि उत्पन्न होती है, जिससे उसे प्राप्त करने की आकांक्षा बढ़ती है, अतः प्रयत्न उत्पन्न होता है और यह प्रयत्न अभीष्ट वस्तु को प्राप्त करा देता है। ध्यान बीज है और सफलता उसका फल।

9. धियः – आत्मा को सर्वाधिक आवश्यकता सद्बुद्धि की पड़ती है- इसी को धियः कहते हैं। गायत्री में इसी की प्राप्ति की प्रार्थना की जाती है।

10. यः (यो) का अर्थ है ‘जो’ । यह ‘जो’ का संकेत अनिर्वचनीय परमात्मा के लिए है। जो परमात्मा उपरोक्त शक्तियों/ गुणों वाला है वह हमारे लिए धियः तत्व (सद्बुद्धि) प्रदान करे।

11. नः का अर्थ है ‘हम लोगों का’ – हमारा। मन्त्र में परमात्मा से सद्बुद्धि की प्रार्थना/ याचना की गई है। पर वह अकेले अपने लिए नहीं की गई है वरन् विस्तृत ‘हम’ के लिए की गई है। हम सबको सद्बुद्धि मिले। मेरे अन्तर्जगत और वाह्य जगत में सर्वत्र सद्बुद्धि का प्रकाश हो – ऐसी प्रार्थना भगवान से की जाती है।

12. प्रचोदयात् का अर्थ है प्रेरणा करना, बढ़ाना। यह कहकर परमात्मा से बुद्धि को प्रेरित करने की याचना की गई है। जिससे उत्साहित होकर हम अपने अन्तःकरण का निर्माण करने में जुट जावें। अपनी कु-बुद्धि से लड़कर उसे परास्त करें और सुबुद्वि की स्थापना का पुरुषार्थ दिखावें।

सद्बुद्धि की ‘अन्तःप्रेरणा’ ईश्वर से ही प्राप्त होती है । परन्तु यह सद्बुद्धि भी अपने प्रयत्न से ही आती है, इसके लिए संयम, व्रत-उपवास, स्वाध्याय, सत्संग, ध्यान, प्रार्थना, सेवा आदि सद्कर्मों का आश्रय लेना पड़ता है।

आख़िर क्या है नेट न्यूट्रैलिटी ?

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आख़िर क्या है नेट न्यूट्रैलिटी ?

नेट न्यूट्रैलिटी का मतलब हैं “इन्टरनेट तटस्थता , नेटवर्क तटस्थता” . Net Neutrality एक ऐसा सिधांत हैं जिसके अनुसार इन्टरनेट सेवा प्रदाता कम्पनी को सभी इन्टरनेट सेवाए बिना किसी भेदभाव के उपलब्ध करानी होती हैं या कह सकते हैं की सभी वेबसाइटों या वेब एप्प  को विजिट करने का ग्राहकों को एक सामान डाटा चार्ज लिया जाये . चाहे वो व्हाट्स एप्प , फेसबुक ,ट्वीटर ,अमेज़न ,फ्लिपकार्ट,स्नैपडील, या अन्य कोई वेबसाइट .

साथ ही किसी भी वेबसाइट की ब्राउज़िंग स्पीड को घटाया और बढ़ाया नहीं जाये . किसी भी वेबसाइट को यूज़ करने के लिए अलग से कोई शुल्क भी नहीं लगाया जाना चाहिए .

भारत में इन्टरनेट सेवा प्रदान कराने वाली कम्पनियों  में मोबाइल सेवा प्रदाता कम्पनियों की अहम् भूमिका हैं . हाल ही में एयरटेल कंपनी के द्वारा एयरटेल जीरो प्लान की घोषणा की गयी हैं .इस प्लान के अंतर्गत एयरटेल यूजर कुछ वेबसाइटों को फ्री में विजिट कर सकते हैं यानि की कुछ वेबसाइटों को विजिट करने पर ग्राहक से कोई भी चार्ज नहीं लिया जायेगा . इसका भुगतान वो वेबसाइट ही करेगी जिसको की विजिट किया हैं . इस प्लान में भारत की प्रमुख ई कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट  ने भी एयरटेल से समझोता करने का निर्णय लिया था . हालांकि Net Neutrality के विवादों में आ जाने के कारण फ्लिपकार्ट ने इस सम्बन्ध में आगे बढ़ने से मन कर दिया हैं

एयरटेल ने ही घोषणा की थी वो इन्टरनेट से होने वाली कॉल्स के लिए अलग से चार्ज लेगी . हालांकि इस एलान को कम्पनी ने वापिस ले लिया

आईये जानते हैं की अगर नेट न्यूट्रैलिटी खत्म हो गयी तो आप पर

क्या असर पड़ेगा 

आपके फ़ोन का बिल बढ़ जायेगा क्योकि कुछ सेवाओ को यूज़ लेने की लिए आपको अलग से चार्ज देना होगा .

आपको अलग अलग वेबसाइट की  अलग अलग स्पीड मिलेगी .

कुछ वेबसाइट जिनका टेलिकॉम कंपनी के साथ करार होगा उनको आप फ्री में ब्राउज कर पाएंगे .

नेट न्यूट्रैलिटी खत्म करने के पक्ष में टेलिकॉम कंपनियों के तर्क 

कम्पनीयो का मानना हैं की व्हाटस एप्प जैसी सर्विस आने से sms और mms जैसी सेवाये  ग्राहकों के द्वारा बहुत कम काम में ली जा रही हैं जिससे की कंपनियों की आयमें भारी कमी आयी हैं

इसके अलावा कंपनियों का मानना हैं की स्काइप जैसी सेवायो से लम्बी दुरी की कॉल भी इन्टरनेट के माध्यम से की जा सकती हैं जिससे भी उनके राजस्व में कामे आई हैं .

कंपनियों का कहना हैं की उनको लाइसेंस प्राप्त करने की लिए करोड़ों रूपये खर्च करने पड़ते हैं साथ ही इसके बाद नेटवर्किंग में उन्हें बहुत पैसे खर्च करने पड़ते हैं .

 

हालांकि व्हाट्स एप्प जैसी सर्विस आने से इन्टरनेट यूज़ करने वालो की संख्या में भारी इजाफा हुआ हैं . जिससे की डाटा use भी बढ़ा हैं

 

Some Wonderful Definitions कुछ अद्भुत परिभाषाएँ

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Some Wonderful Definitions

कुछ अद्भुत परिभाषाएँ

शादी (MARRIAGE) :यह एक समझौता है जिसमें एक आदमी  अपनी स्नातक की डिग्री खो देता है
और एक औरत उसकी उत्तर स्नातक डिग्री प्राप्त कर लेती हैं .

समझौता (COMPROMISE) : केक को बाँटने की तरह से एक कला जिसमे हर कोई सोचता हैं की उसे केक का बड़ा टुकड़ा मिला हैं .

आंसू (TEARS) : एक ऐसा जलीय  बल है जिसके द्वारा मर्दाना इच्छा शक्ति को स्त्री ने अपने  पानी की शक्ति  से हरा दिया!

शब्दकोश (DICTIONARY) : एक ऐसा स्थान जहा पर शादी से पहले तलाक़ आ जाता हैं .

सम्मेलन (CONFERENCE) : एक आदमी का भ्रम और उससे अधिक भ्रमित लोग एक साथ .

सम्मेलन कक्ष (CONFERENCE ROOM) : एक ऐसा स्थान जहाँ बातें तो हर कोई करता हैं , लेकिन आपस में कोई सुनता नहीं हैं और बाद में इस पर हर कोई असहमति जताता हैं .

परमानंद (ECSTASY) : एक ऐसा एहसास जब आपको लगता है की  आप ऐसा महसूस करने के लिए जा रहे हैं जो की आप आपनें  पहले कभी महसूस नहीं किया है

क्लासिक (Classic) : एक  किताब जिसकी लोगों की प्रशंसा की, लेकिन उसे  कभी पढ़ा नहीं .

कार्यालय (OFFICE) : एक ऐसी जगह जहाँ पर आप घरेलू जिन्दगी के झंजट से आराम कर सकते हैं .

अँगड़ाई (YAWN) : ऐसा समय  जब कुछ शादीशुदा पुरुषों कभी भी मुंह खोलने के लिए अधिकार मिल जाता हैं .

आदि (ETC)  : एक संकेत दूसरों को बनाने के लिए की आप जो करते हो उससे और अधिक जानते हो .

समिति (COMMITTEE) : ऐसे व्यक्ति जो अकेले कुछ भी नहीं कर सकते और ये  तय करने के लिए बैठते हैं की साथ – साथ मिलकर भी कुछ नहीं कर सकते .

अनुभव (EXPERIENCE)  : जिसे लोग अपनी गलतियों का नाम देते हैं .

परमाणु बम (ATOM BOMB) : एक अविष्कार जो सभी को अंत की तरफ ले जाने का अविष्कार हैं .

दार्शनिक (PHILOSOPHER) : एक ऐसा व्यक्ति जो अपनी जिन्दगी में मानसिक रूप से तड़पता हैं और अपने मरने के बाद बोलता हैं .

राजनयिक (DIPLOMAT) : एक ऐसा व्यक्ति जो आपको ऐसा रास्ता बताता है जिसमे की आप जाने को तत्पर हैं ,

अवसरवादी (OPPORTUNIST) : एक ऐसा व्यक्ति अगर वह नदी में गलती से गिर जाता है तो नहाना शुरू कर देता हैं .

आशावादी (OPTIMIST)  : एक व्यक्ति जो आकाश से गिरने पर भी बीच में कहता हैं की मैं अभी तक घायल नहीं हुआ .

निराशावादी (PESSIMIST) : एक ऐसा जो कहता हैं की  O आखिरी अक्षर  है यह देखने की बजाय की OPPORTUNITY भी इसीसे बनता हैं .

कंजूस (MISER)  : एक ऐसा व्यक्ति जो गरीब रहता है ताकि वह अमीर मर सकता हैं!

मुजरिम (CRIMINAL) : एक ऐसा शक्स जो ओरों से भिन्न या अलग नहीं होता हैं जब तक की वह पकड़ा न जाये .

बोस (BOSS)  : एक ऐसा व्यक्ति जब वह जल्दी आता हैं तो कहता हैं की आप लेट आये हो और जब खुद लेट आता हैं तो कहता हैं इतना जल्दी

नेता (POLITICIAN) : ऐसा व्यक्ति जो चुनाव से पहले आप के सामने हाथ हिलाता और इसका आपको चुनाव के बाद में पता चलता हैं .

डॉक्टर (DOCTOR)  : एक व्यक्ति जो की आपकी बीमारियों को गोलियों से  मारता है , और आपको अपने बिलों से .

व्याख्यान (LECTURE)  :  सूचना संचारण की एक कला हैं  जो की  व्याख्याता के नोटों से छात्रों के नोटों में जाती हैं वो भी  दोनों के ही दिमाग से गुजरे बिना .

 

गणतंत्र दिवस

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गणतंत्र दिवस 26 January in Hindi Republic Day

                                     गणतंत्र दिवस

समस्त भारतवासी २६ जनवरी को गणतन्त्र दिवस के रूप में बड़े हर्ष उल्लास के साथ मनाते हैं . यह भारत का एक राष्ट्रीय पर्व हैं . भारत में कुल 3 राष्ट्रिय पर्व हैं . 26 जनवरी 1950 के दिन हमारे देश का सविधान लागु हुआ था . इसी कारण हम हर साल की 26 जनवरी को गणतन्त्र दिवस के रूप में मनाते हैं . भारत का सविधान को सविधान सभा के द्वारा 26 नवम्बर 1949 को ही पारित कर दिया गया था . लेकीन  इसको 26 january 1950 को लागु किया गया . सविधान लागु होने के साथ ही भारत गणतन्त्र बन गया .

गणतन्त्र दिवस का मुख्य कार्यक्रम भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित होता हैं . यह समारोह बहुत ही भव्य होता हैं . इस दिन हमारे देश की शहीदों को भी याद किया जाता हैं . इस अवसर पर किसी दुसरे देश से भी कोई महमान बुलाया जाता हैं . इस दिन सेना की परेड़ भी होती हैं . सेना की परेड़ के बाद रंगारंग सांस्‍कृतिक  कार्यक्रम होता हैं . जिसमें अखंड भारत की झलकी दिखती हैं . इस दिन भारतीय सेना के द्वरा नवीन हथियारों , मिसाइलो ,लड़ाकू विमानों आदि का प्रदर्शन किया जाता हैं . इस बार इस कार्यक्रम में अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा को आमंत्रित किया गया हैं .

इस कार्यक्रम में अब तक कई देशो के प्रतिनिधियों को बुलाया गया हैं . जिनमे हैं –

सुकर्णो , इंडोनेशियाई राष्ट्रपति

मोहम्मद ख़ातमी, ईरान के राष्ट्रपति

लुईज़ इनासियो लूला द सिल्वा, ब्राज़ील के राष्ट्रपति

वांगचुक ,भूटान नरेश

अब्दुल्ला बिन अब्दुल अज़ीज़ अल-सऊद, सउदी अरब के शाह

व्लादिमीर पुतिन, रूस के राष्ट्रपति

निकोलस सर्कोजी, फ्रांस के राष्ट्रपति

नूर सुल्तान नजरबायेब, कज़ाख़िस्तान के राष्ट्रपति

ली म्यूंग बाक, कोरिया गणराज्य (दक्षिण कोरिया) के राष्ट्रपति

सुसिलो बाम्बांग युधोयोनो, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति

यींगलक शिनावात्रा, थाइलैण्ड की प्रथम महिला प्रधानमन्त्री

जिग्मे खेसर नामग्यल वांग्चुक, भूटान नरेश

शिंजो अबे, जापान के प्रधानमन्त्री

साथ ही राज्य स्तर पर भी कई कार्यक्रम होते हैं . इस दिन स्कूल के बच्चों में एक खास उत्साह होता हैं .

लक्ष्य पर नजर

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कौरव और पांडव सभी गुरु द्रोणाचार्य से धनुष विद्या ग्रहण कर रहे थे . वे सभी हमेशा बेहतर पर्दशन की कोशिश किया करते थे . इन सब के बीच गुरु द्रोणाचार्य के प्रिय शिष्य अर्जुन थे . एक बार गुरु द्रोणाचार्य ने सबकी परीक्षा लेने की सोची .

उन्होंने आश्रम के पासके एक पेड़ की डाली पर एक मिट्टी से बनी हुई चिड़िया को बांध दिया . परीक्षा ये थी की सभी को उस चिड़िया की आंख पर निशाना लगाना था . सभी शिष्यों ने सोचा की गुरूजी हमारी इतनी सरल परीक्षा क्यों ले रहे हैं . चिड़िया की आँख पर निशाना लगाना तो बिल्कुल आसान काम हैं . जब परीक्षा की घड़ी ई तो सभी को एक – एक करके बुलाया गया . लेकिन निशाना लगाने से पूर्व सभी से पुछा गया की तुम्हे क्या क्या दिखाई दे रहा हैं ?

युधिष्ठिर ने कहा की मुझे चिड़िया , उसके आस – पास की टहनियों , आकाश आदि दिखाई दे रहे हैं . गुरु द्रोणाचार्य ने युधिष्ठिर को निशान लगाने से रोक दिया . फिर दुर्योधन की बारी आई . दुर्योधन से भी यही सवाल पुचा गया की तुम्हे क्या क्या दिखाई दे रहा हैं . दुर्योधन ने कहा की मुझे पास में बैठे हुए पक्षी , उनके पंख , आकाश , पेड़ की डालियाँ इत्यादि दिखाई दे रहे हैं . फिर गुरूजी ने दुर्योधन से पूछा की क्या तुमे मैं नहीं दिखाई दे रहा हु ? दर्योधन ने कहा की हां मुझे आप भी थोड़े – थोड़े दिखाई दे रहे हो . सभी से यही सवाल पूछा गया . सभी ने लगभग इसी प्रकार के जवाब दिए .

सभी को निशाना लगाने से रोका गया फिर भी उनके समझ में नहीं आया की उन्हें निशाना लगाने से क्यों रोका जा रहा हैं . अन्त में अर्जुन की बारी आई  अर्जुन से भी यही प्रश्न दोहराया गया की तुमको क्या – क्या दिखाई दे रहा हैं  ? अर्जुन ने कहा की ” गुरु जी मुझे उस चिड़िया की आँख जिस पर की निशाना लगाना हैं वही दिखाई दे रही हैं इसके अलावा मुझें और कुछ भी नहीं दिखाई दे रहा हैं .”  अर्जुन का उत्तर सुनकर  गुरु द्रोणाचार्य बहुत ही प्रसन्न हुए .उन्होंने अर्जुन को निशान लगाने को कहा . अर्जुन के तीर का निशाना सीधा चिड़िया की आँख  पर ही लगा . अत: अर्जुन परीक्षा में सफल हुए

. तब गुरु द्रोण ने सभी शिष्यों से कहा की अगर तुम्हारा ध्यान अपने लक्ष्य के अलावा अन्य जगह भटकेगा तो तुम अपनें लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर पाओगे . लक्ष्य के लिए अपने आप को लक्ष्य के प्रति एकाग्र रखो तभी आप अपना लक्ष्य प्राप्त कर पाओगे .

अगर हमारा मन एकाग्र होगा तो ही हमें सफलता मिलेगी . इसलिए हमें हमेशा हमारा मन एकाग्र रखना चाहिये .